Monday, June 26, 2017

Mahashivratri Celebration at Ganga Mandir Karanwas & Bhooteshwar mandir karanwas

हर साल गंगा मंदिर में कावड़िये आके गंगा मंदिर में विश्राम करते है एवम प्रातः काल में कावड़ भगवान् शिव के प्राचीन मंदिर भूतेश्वर मंदिर में चढ़ाई जाती है !!

कर्णवास में प्रसिद्ध भूतेश्वर मंदिर पर हर साल शिवरात्रि पर भक्त जलाभिषेक करते है एवं गंगा मंदिर पर रात्रि में जागरण एवम कावड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है !

अथ शिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम्

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम:शिवाय ॥ 1 ॥

मंदाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथ महेश्वराय ।
मण्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै मकाराय नम:शिवाय ॥ 2 ॥

शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्दसूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय ।
श्रीनीलकण्ठाय बृषध्वजाय तस्मै शिकाराय नम:शिवाय ॥ 3 ॥

वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्यमुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय ।
चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय तस्मै वकाराय नम:शिवाय ॥ 4 ॥

यक्षस्वरूपाय जटाधराय पिनाकहस्ताय सनातनाय ।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय तस्मै यकाराय नम:शिवाय ॥ 5 ॥

पञ्चाक्षरिमदं पुण्यं य: पठेच्छिवसन्निधौ ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ॥ 6 ॥

वर्ष २०१७ के कुछ दृश्य -
















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